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वर्ष 2001 में 18 वर्ष की उम्र में पुलिस उत्पीरण के खिलाप मैदागिन चौराहे पर धरना मंच से बोलते हुए अजीत सिंह ! जब इस मंच से पहली बार अजीत ने पुलसिया कारनामो के खिलाप जमकर बोला और हकीकत बातो को जनता के बीच रखा तो यही से आक्रोशित होकर पुलिस ने कुछ तुच्छ मानसिकता वालो से मिलकर अजीत सिंह को फर्जी मुकदमों में फ़साने का षड़यंत्र रचना शुरू किया और फिर अजीत पर कुछ झूठे मुकदमों भी लगाए गए , जिसके बाद भी अजीत ने बिना विचलित हुए समस्याओं के खिलाप संघर्स जरी रखा !