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राजमंदिर वार्ड के पक्के मोहल्ले ब्राह्घाट , नारायण दीक्षित लेन , दादुल चौक , दुधविनयक,पंचगंगा घाट , मंगलागौरी , रामघाट चौखंबा इत्यादि क्षेत्रो की जनता जब सन 1995 में पेयजल के संकट से जूझ रही थी उस दौर में व्याप्त भारी पेयजल समस्या के खिलाप गोलघर पर जलसंस्थान के महाप्रबंधक का पुतला फूकते हुए अजीत सिंह क्षेत्रीय नागरिकों के साथ की उम्र में अजीत सिंह
      अपने परिवार से विरासत में मिली जनसेवा की भावना को अजीत ने कभी पीछे नहीं छोड़ा बल्कि इस दायर से स्वयं को समाज के प्रति पूरी तरह से समर्पित कर दिया और बचपन से ही लोगो के सुख दुःख का साथी बन गए और यथा संभव अपनी क्षमता से भी ज्यादा सहयोग की भावना के साथ क्षेत्र ही नहीं अपितु क्षेत्रवाद की सोच से ऊपर उठकर अपनी आवाज को बुलंद करना और समस्याओं का समाधान करना अजीत सिंह की प्रवित्ति बन गयी